लॉक डाउन में रामगढ़ गांव के 22 वर्षीय दीपक राजसुमन ने लिखा अधूरा इश्क, अधुरी कहानी।

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Team Digital

#Lockdown Sucessful Story#

जहां पुरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है तो वहीं भारत भी इससे अछूता नहीं है। स्कूल, कॉलेज और बाकी सभी सरकारी गैरसरकारी संस्थाएं बंद पड़ी है। लोग घरों में बंद है किसी को समझ नहीं आ रहा है क्या करना है। आगे क्या होगा। चारों तरफ रोते बिलखते लोगों का माहौल है इसी को देखते हुए रामगढ़ गांव के 22 वर्षीय युवा दीपक राजसुमन ने एक किताब लिखा है।

दीपक राजसुमन गोपाल नारायण सिंह यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे है लेकिन लॉक डाउन लगने की वजह से यूनिवर्सिटी बंद है जिसका भरपूर फायदा उठाते हुए दीपक ने आज के नौजवानों की प्यार मोहब्बत को देखते हुए अधूरा इश्क, अधूरी कहानी के नाम से किताब लिखा है।

अधूरा इश्क, अधूरी कहानी पुस्तक का प्रकाशन ऑथर्स ट्री पब्लिकेशन ने किया है। दीपक ने इस किताब में आज के समय हो रहे इश्क, मोहब्बत और धोखे को बड़े ही खूबसूरत शब्दों में सजाया है। किताब को पढ़कर ऐसा लगता है की आज के युवाओं को पढ़ना चाहिए। प्रेम का असली मतलब समझना चाहिए।

दीपक अपने किताब के बारे में बताते है की आज जहां पुरी दुनिया परेशान है। घरों में बंद रहकर दुखी है उनको समझ नही आ रहा है क्या करना है। आज लोगों को कुछ ऐसी चीजे चाहिए जो इन सभी दुख, दर्द को छोड़ किसी और दुनिया में ले जाए इसी को देखते हुए हमने इस किताब को लिखा है ताकि लोग इस किताब को खाली समय में पढ़े अपने उन दिनों को याद करे जब उन्होंने अपने जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल को जिया हैं। उस पल को इस किताब के जरिए महसूस करे आज टेंशन भरे समय में उसी पल, उसी अहसास को याद करके खुश रहने की जरूरत है। दीपक राजसुमन की ये पहली किताब है जो अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।