जलजमाव से घिरे निवासियों को बांस की चचरी बनी

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  • जलजमाव से घिरे निवासियों को बांस की चचरी बनी लाइफलाइन- सुरेन्द्र
  • सरकार के पास न कोई विजन और न ही प्लानिंग- माले
  • मुहल्लों में छोटी नाव की व्यवस्था कराएं प्रशासन- सुनील
  • बंद पड़े कलवर्ट पुल, पुलिया खोलकर, कच्चा नाला बनाकर जलनिकासी कराएं प्रशासन- मो० सगीर
    समस्तीपुर, 1 जुलाई ’21
    नगर निगम के न सिर्फ शहरी ईलाके बल्कि ग्रामीण ईलाके की भी बड़ी आवादी भीषण जलजमाव से परेशान हैं. वे अपने मकान छोड़कर अन्यत्र किराये पर डेरा लेकर रहने या गांव लौट जाने को मजबूर हैं. कुछ तो छत पर शरण लिए हुए हैं तो कुछ लोग चौकी पर चौकी रखकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. लोग दूध, सब्जी समेत आवश्यक खाद्य सामग्री खरीदने डूबाउ पानी होने के वजह से नहीं जा पा रहे हैं. जलजमाव के कहर से बचने के लिए शहर के दर्जनों मुहल्लों के गृहस्वामियों ने बांस की चचरी बनाकर अपने दिनचर्या को अंजाम देने की कोशिश में लगे हैं.
    भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में मो० सगीर, सुनील कुमार आदि ने जल प्रभावित मुहल्लों मसलन विवेक- विहार, आदर्शनगर, आजादनगर, सोनवर्षा, बीएड कालेज रोड, कृष्णापुरी, बारह पत्थर, मुसापुर, शिवपुरी, पुराना गैस गोदाम रोड आदि जल जमाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बिगड़ती स्थिति का जायजा लिया.
    मौके पर माले नेता सुरेन्द्र ने कहा कि नीतीश सरकार की विजन एवं प्लानिंग का आभाव का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. मुहल्ला बसने से पहले सरकार को सड़क, नाला, जलापूर्ति, जलनिकासी, बिजली, आदि की मूलभूत सुविधा मुहैया कराने चाहिए लेकिन सरकार लोगों को अपने रहमोकरम पर छोड़ देती है. सुखाड़ के समय बुनियादी सुविधाओं के आभाव के बाबजूद लोग अपनी घर मजबूरी में बना लेते हैं. शहर के बड़े भूभाग में नाले का आभाव है. अगर कहीं नाला बना भी तो वो भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया. कई नाले जाम पड़े हैं तो कई नाले से पानी पास ही नहीं हो रहे हैं. परिणाम स्वरूप बड़ी आवादी अपने सारे कार्य छोड़कर अपने- अपने घरों, छत पर बंद हैं.
    उनमें से परेशान लोगों ने अपने- अपने दिनचर्या पुनः शुरू करने के लिए बांस की चचरी, पुल, सड़क आदि बनाने में हजारों रू० खर्च कर लगे हुए हैं. माले नेता ने जिला प्रशासन से जलजमाव के क्षेत्रों में छोटी नाव की व्यवस्था करने, कच्चा नाला बनाकर जल निकासी करने, बंद पड़े कल्वर्ट, पुल, पुलिया को खोलकर यथाशीघ्र जल निकासी कराने की मांग की है.