जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में जलजमाव, जल निकासी

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जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में जलजमाव, जल निकासी के संबंध में बैठक आहूत की गई। इस बैठक में जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों से जल के त्वरित निकासी हेतु निर्धारित रूट (यथा क्रांति होटल से नक्कू स्थान, लखना चौक से आर पी मिश्र रोड, सोनेवर्षा चौक से पंचवटी चौक) में नाला की साफ-सफाई के संबंध में निर्देश दिया। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी सदर उक्त स्थानों से गुजरने वाले नाला की साफ-सफाई एवं नाला से निकलने वाले गाद का निष्पादन जलजमाव की गंभीरता एवं निरंतर वर्षा को देखते हुए 24×7 अपनी देखरेख में करवाना सुनिश्चित कराएंगे। उनके द्वारा कार्य में सहयोग लेने एवं विधि व्यवस्था संधारण हेतु पालीवार दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
वहीं नगर आयुक्त, नगर निगम समस्तीपुर उक्त कार्य हेतु आवश्यक मजदूर आदि की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करेंगे। तत्काल जल निकासी हेतु विभिन्न स्थानों पर पंप का अधिष्ठापन किया गया है। पंप का संचालन 24×7 होना है।

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पर्यवेक्षण के क्रम में यदि कोई पंप बंद पाया जाता है तो संबंधित एजेंसी को काली सूची में डालते हुए उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।*

DM Shashank Shubhankar ne diye kai nirdesh

नगर आयुक्त, नगर निगम समस्तीपुर सभी पंप पर तकनीकी कर्मी के अतिरिक्त तीन पाली में टैक्स कलेक्टर के साथ 1 कर्मी की प्रतिनियुक्ति करेंगे जो पंप संचालन की देख रेख के साथ किसी भी प्रकार की आई बाधा को दूर करेंगे। उक्त संपूर्ण कार्यों का पर्यवेक्षण अपर समाहर्ता, समस्तीपुर करेंगे।

*जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के निर्देश पर जिला आईटी प्रबंधक आशुतोष कुमार ने जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के निकासी एवं व्ययन संबंधित प्रशिक्षण।

समस्तीपुर:- जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के निर्देश पर आज जिला आईटी प्रबंधक आशुतोष कुमार ने जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को पेरोल जेनरेशन से संबंधित प्रशिक्षण वी०सी० के माध्यम से दिया। उन्होंने बताया कि एचआरएमएस मॉड्यूल के तहत किस तरह से सेवा पुस्त में अंकित जानकारी के मुताबिक वेतन को अप्रूव कर ट्रेजरी में भेजना है। बिल कैसे बनेगा बतलाया गया। वहीं जिला आईटी प्रबंधक के द्वारा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के तहत होने वाले तमाम पहलुओं की तकनीकी जानकारी दी गयी। इससे पूर्व बी०पी०एस०एम० (सामान्य प्रशासन विभाग) द्वारा निर्णय लिया गया कि राज्य भर में नियमित कर्मियों का सेवापुस्त से संबंधित सारे कार्य मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।