मोबाइल रिचार्ज कराते-कराते दुकानदार ने कब उसके दिल की घंटी बजा दी।

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यह दिल कब और किस पर आ जाए, कहा नहीं जा सकता। समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना अंतर्गत एक गांव निवासी किशोरी के साथ ऐसा ही हुआ। मोबाइल रिचार्ज कराते-कराते दुकानदार ने कब उसके दिल की घंटी बजा दी, पता ही नहीं चला। उसके प्रेम में वह इस कदर मजबूर हो गई कि एक दिन घर छोड़कर चली गई। मगर, प्रेम की राह इतनी सुगम कहां होती है? इस पर चलने वालों को न जाने क्या-क्या परेशानी झेलनी पड़ती है। न केवल प्रेमी-प्रेमिका को वरन उनके स्वजनों को भी अग्निपरीक्षा से गुजरना होता है। किशोरी और उसके प्रेमी के साथ अभी ऐसा ही हो रहा है।

    दरअसल विभूतिपुर थाना क्षेत्र से एक किशोरी कुछ दिन पहले घर से भाग गई। इसका आरोप पास के ही एक मोबाइल दुकानदार पर लगा। जहां वह अपना मोबाइल रिचार्ज कराने जाती थी। लड़की के स्वजन अारोपित के घरवालों पर जल्द से जल्द उसे वापस लाने का दबाव बनाने लगे। इसी दौरान कहासुनी शुरू हो गई जो बाद में मारपीट में बदल गई। जिससे महमदपुर सकरा वार्ड चार निवासी मनोज दास, रूदल दास, मंजू देवी और चंदन कुमार दास जख्मी हो गए। उनका इलाज स्थानीय पीएचसी में कराया जा रहा है। जिसमें एक ही हालत नाजुक बताई जा रही है। पूरे घटनाक्रम के बारे में जख्मी पक्ष के लोगों ने बताया कि पंकज कुमार की एक मोबाइल की दुकान पास के गांव में है। वह शादीशुदा है और उसकी पत्नी अभी गर्भवती है। उसको दुकान पर बराबर आने वाली एक किशोरी से प्रेम हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने घर से भागने का फैसला कर लिया, लेकिन खुद को बचाने के लिए उसने एक योजना बनाई। पहले किशाेरी को घर से भाग जाने के लिए प्रेरित किया और वह अपनी दुकान में काम करता रहा। मगर, लोगों को दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी दी।

  लड़की के भागने के बाद लोग उससे पूछने आए तो उसने कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। उस समय तो लोगों ने कुछ नहीं कहा,लेकिन उस पर निगाह बनाए रखी। इस बीच वह दुकान बंद कर गायब हो गया। इसके बाद तो लोगों का शक गहरा गया। सभी पंकज के घर पर आ धमके। परिवार के लोगों पर उसे बुलाने का दबाव डालने लगे। फोन पर उसने लोगों को बताया कि वह दुकान के लिए जरूरी सामान लेने मुजफ्फरपुर आया है। उस दिन वह रात को करीब 11 बजे घर आया भी, किंतु अकेली प्रेमिका को छोड़ना उसके लिए संभव नहीं था। सुबह फिर वह घर से गायब हो गया। बाद में लोगों से पता चला कि वह किशोरी के साथ भागकर गुजरात चला गया है। इसके बाद फिर से आरोपित युवक के घर पर किशोरी के स्वजन पहुंचे और उसे लौटाने की बात कहने लगे। दूसरे समुदाय का मामला होने के कारण बात बिगड़ गई। आक्रोश मारपीट में बदल गई। जिसमें युवक के दो चाचा, एक चाची और एक भाई जख्मी हो गए। इस बारे में थानाध्यक्ष ने कहा कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में शिकायत नहीं की गई है। आवेदन मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।