जानें ग्राम पंचायत के बारे में।

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ग्राम पंचायत क्या होता है? भारतीय संविधान में इसे कहां पर जगह मिला है

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार को ग्राम पंचायत कहा जाता है। भारत में तीन प्रकार की सरकारें होती हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं स्थानीय सरकार। 

“भारत के राष्ट्रपिता श्री महात्मा गांधी मानते थे कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है” ।

स्वराज, सत्ता का विकेंद्रीकरण एवं पंचायती राज की स्थापना में राष्ट्रपिता के मूल्यों में साफ-साफ देखा जा सकता है। भारत एवं राज्य सरकार आज ग्राम पंचायतों को ज्यादा से ज्यादा अधिकार देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

ग्राम पंचायत अधिनियम क्या है? 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 40 में ग्राम पंचायत के गठन का साफ निर्देश है। ग्राम पंचायत को 73 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 /1993 में संवैधानिक मान्यताा प्राप्त हुई थी।

उसके अलावा भारत सरकार ने कई अन्य सिफारिशों को मंजूरी दी हैं जिनमें प्रमुख हैं –

  • बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशें – 1957
  • अशोक मेहता समिति की सिफारिशें – 1977। 

73वें संशोधन अधिनियम में निम्नलिखित प्रावधान किये गये थे।

  • पंचायती राज को तीन स्तरों में ढांचित किया है – ग्राम पंचायत, पंचायत समिति / मध्यवर्ती पंचायत एवं जिला पंचायत)
  • हर 5 वर्षों पर चुनाव को सुनिश्चित किया गया
  • महिलाओं को आरक्षण
  • राज्य वित्त आयोग का गठन
  • राज्य चुनाव आयोग का गठन। 

बिहार ग्राम पंचायत और जन प्रतिनिधि

बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार बिहार के किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में अगर जनसंख्या 7000 से ज्यादा हो तो एक नया पंचायत बनाया जा सकता है। 

ग्राम पंचायत के मुख्य पद निम्नलिखित हैं

  • सरपंच एवं पंच सदस्य
  • मुखिया, उप मुखिया एवं ग्राम पंचायत सदस्य
  • समिति। 

एक ग्राम पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र यानि वार्डों में विभाजित किया गया है। एक वार्ड की कम से कम जनसंख्या 500 होनी चाहिए। 

सरपंच एवं पंच सदस्य, मुखिया एवं ग्राम पंचायत सदस्य एवं समिति का चुनाव जनता करती है। जबकि उप मुखिया का चुनाव ग्राम पंचायत सदस्य (वार्ड मेम्बर) करते हैं।

Conclusion Point

इस बात को जरूर याद रखिएगा – भारतीय संविधान के अनुच्छेद 40 में ग्राम पंचायत के गठन का साफ निर्देश है। ग्राम पंचायत को 73 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 /1993 में संवैधानिक मान्यताा प्राप्त हुई थी