हवाई सर्वेक्षण कर जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें.

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अन्य फसलों के साथ-साथ गन्ना फसल का भी क्षति आकलित करेगा कृषि विभाग

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पटना – 08 जुलाई, 2021 :- कृषि विभाग से प्राप्त सूचनानुसार धान एवं औद्योगिक से फसलों के साथ – साथ गन्ना फसल की भी खेती बड़े पैमाने पर (2.5-3.0 लाख हे०) राज्य के किसानों द्वारा किया जाता है। कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर किये जा रहे फसल क्षति संबंधी आकलन में कभी-कभी गन्ने के फसल की क्षति का आकलन नहीं हो पा रहा है। उच्च स्तर से प्राप्त निदेश के आलोक में अन्य फसलों के साथ-साथ गन्ने के फसल की क्षति का आकलन भी कृषि विभाग के द्वारा ही किया जायेगा, ताकि कृषि इनपुट अनुदान प्रभावित गन्ना किसानों को ससमय मिल सके ।

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के पश्चात् मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग एवं जल संसाधन विभाग के साथ की समीक्षा बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले के जिलाधिकारी भी जुड़े रहे

मुख्य बिन्दु :

• जिलाधिकारियों को हवाई सर्वेक्षण के लिये हेलीकॉप्टर उपलब्ध करायें। हवाई सर्वेक्षण कर जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें और उसके आधार पर आकलन करें, हवाई सर्वेक्षण के दौरान कृषि विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहें ।

• लोगों के रिलिफ के लिए हम सबको काम करना है, उन्हें हर प्रकार से मदद करनी है।

• सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है ।

• समय पर लोगों को सहायता उपलब्ध हो यह सुनिश्चित करें इसके लिए संवेदनशीलता के साथ काम भी करें।

• किसानों को कृषि कार्य में काफी नुकसान हुआ है उसका अविलंब में आकलन करें ताकि उन्हें सहायता पहुॅचायी जा सके ।

• राहत शिविरों में कोरोना जांच और टीकाकरण कार्य अवश्य कराएं। जो कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं उनके रहने एवं देखभाल की अलग से व्यवस्था कराएं।

• अभी कोरोना का दौर भी है और बाढ़ की स्थिति भी है। इसको ध्यान में रखते हुए बचाव एवं राहत कार्य योजनाबद्ध ढंग से करें और आगे के लिए भी पूरी तैयारी रखें ।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने हवाई सर्वेक्षण के पश्चात् 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में आपदा प्रबंधन विभाग एवं जल संसाधन विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर एवं सीतामढ़ी जिले के जिलाधिकारी भी जुड़े हुए थे।

बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव हंस ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान जिलावार प्रखंडों, नदियों की स्थिति की जानकारी दी। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर एवं सीतामढ़ी जिले के जिलाधिकारियों ने जिले में बाढ़ की अद्यतन स्थिति एवं इससे बचाव को लेकर जिले में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी।

•आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने आपदा राहत कार्यों के संबंध में जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जून में पहले कभी इतनी वर्षापात नहीं हुई थी। इस बार अधिक वर्षापात के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी। आज हवाई सर्वेक्षण के दौरान हुआ है। वस्तु स्थिति से अवगत हुये। कई जगहों पर पानी का फैलाव है। खेतों में भी पानी फैला

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि जिलाधिकारियों को हवाई सर्वेक्षण के लिये हेलीकॉप्टर उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें और उसके आधार पर आकलन करें। हवाई सर्वेक्षण के दौरान कृषि विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के भी अधिकारी मौजूद रहें। लोगों के रिलिफ के लिए हम सबको काम करना है, उन्हें हर प्रकार से मदद करनी है। हमने शुरु से ही कहा है कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। यह जरुरी है कि समय पर लोगों को सहायता उपलब्ध हो, इसके लिए संवेदनशीलता के साथ काम करें। एक-एक चीज का सही से आकलन होगा तो रिलिफ वर्क में और बेहतर ढंग से हो सकेगा। किसानों को कृषि कार्य में काफी नुकसान हुआ है। इसका ठीक से आकलन करें ताकि उन्हें सहायता पहुॅचायी जा सके। जो राहत कैंप बनाए गए हैं वहां पर कोरोना जांच और टीकाकरण कार्य अवश्य कराएं। जो कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं उनके रहने एवं देखभाल की अलग से व्यवस्था कराएं। अभी कोरोना का दौर भी है और बाढ़ की स्थिति भी है। इसको ध्यान में रखते हुए बचाव एवं राहत कार्य योजनाबद्ध ढंग से करें और आगे के लिए भी पूरी तैयारी रखें

बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य श्री प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव हंस, आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी तथा पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर एवं सीतामढ़ी जिले के जिलाधिकारी जुड़े हुए थे।

सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निदेशित किया गया है कि बाढ़ / सुखाड़ / असामयिक वर्षापात एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति के आकलन में गन्ना फसल की क्षति का भी आकलन अवश्य किया जाए, ताकि गन्ना उत्पादक कृषकों को भी नियमानुसार कृषि इनपुट अनुदान का लाभ दिया जा सके ।