अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होने जा रहा है पटना का तारामंडल।

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ONE NEWS LIVE NETWORK। Web TEAM

पटना। राजधानी पटना के बेली रोड पर अवस्थित तारामंडल नवीनीकरण के बाद नए तकनीकों से लैस होने जा रहा है इस संदर्भ में आज एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है जिसके अंतर्गत तारामंडल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।बिहार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह ने इस अवसर पर कहा कि विभाग अत्याधुनिक तकनीकों से पूरी तरह से लैस हो रहा है यह बिहार के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा इसी कड़ी में तारामंडल के नवीनीकरण का कार्य प्रारंभ हो रहा है। इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर तारामंडल पटना के वर्तमान opto mechanical projection system एवं डोम स्क्रीन के स्थान पर अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित 3डी 2 डी आरजीबी लेजर प्रोजेक्शन और चैन सस्पेंडेड डोमस्क्रीन तथा ऑप्टिकल टेलीस्कोप के अधिष्ठापन हेतु 36 करोड़ 13 लाख 20 हजार की लागत से आवश्यक सिविल एलिट्रिकल एवं उन्नयन कार्य का कार्यान्वयन नेशनल काउंसिल आफ साइंस म्यूजियम के माध्यम से ट्रन की बेसिस पर 2 वर्षो में पूरा करने हेतु बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी पटना एवं नेशनल काउंसिल आफ साइंस म्यूजियम कोलकाता के बीच आज दिनांक 9 जुलाई को बिहार सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह की गरिमामय उपस्थिति में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया समिति पत्र में निर्धारित शर्तों के अनुसार स्वीकृत राशि छतीस करोड़ तेरह लाख 20 हजार का 15% 54198000 तत्काल विमुक्त की गई है। नेशनल काउंसिल आफ साइंस म्यूजियम कोलकाता भारत सरकार सांस्कृतिक मंत्रालय के अंतर्गत मंत्रालय अंतर्गत स्वशासी संस्था है। जिसके माध्यम से देश के विभिन्न स्थानों पर साइंस सेंटर, साइंस सिटी,इन्नोवेशन हब का निर्माण और विकास किया जाता है।बिहार काउंसिल आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पटना की ओर से डॉ अनंत कुमार, परियोजना निदेशक एवं नेशनल काउंसिल आफ साइंस म्यूजियम कोलकाता की ओर से श्री सुरेंद्र कुमार निदेशक मुख्यालय द्वारा सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया इस अवसर पर सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग लोकेश कुमार सिंह निदेशक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजीव कुमार एवं बी सी डी के कर्मचारी भी उपस्थित थे।