समस्तीपुर में गंडक नदी खतरे के निशान से 1.17 व रोसड़ा में 2.10 मीटर ऊपर

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ONE NEWS LIVE NETWORK TEAM DIGITAL

मानसून के कमजोर पड़ने के साथ ही बारिश कम हो गई। जिसका नतीजा है कि अब नदियों के जलस्तर में भी कमी आने लगी है। जिला से होकर बहने वाली व बाढ़ का मुख्य कारण रहने वाली नदी बूढ़ी गंडक व बागमती तेजी से घट रही है। बताया जाता है कि बीते एक सप्ताह में बूढ़ी गंडक नदी समस्तीपुर व रोसड़ा में डेढ़ से दो मीटर तक घट गई है। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि इस बीच गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। लेकिन अभी भी वह खतरे के निशान से 1.33 मीटर नीचे बह रही है। बताया जाता है कि बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर एक सप्ताह मंें खतरे के जलस्तर से 45.73 मीटर से एक मीटर से ज्यादा घटकर 1.17 मीटर उपर रह गया है। वहीं रोसड़ा में भी जलस्तर घटकर खतरे के निशान से दो मीटर उपर रह गया है। हालांकि नदी का जलस्तर घटने से कई जगह कटाव की समस्या आ रही है। इसको देखते हुए विभाग बांधों का निरीक्षण करने व कटाव वाली जगह पर सतर्कता बरते हुए है।
बीसफुटिया में मौजूद लोगों के घरों से नीचे उतरने लगा पानी, राहत की उम्मीद

बताया जाता है कि बीसफुटिया व पेटी में रहने वाले लोगों के घरों के छतों से पानी नीचे आ गया है। अब उन्हें अपना घर बचता हुआ दिख रहा है। क्योंकि दो-तीन माह से ज्यादा समय तक पानी में रहने से झोपड़ी खराब हो जाती है। उसे दोबारा बनाना पड़ता है।

जलस्तर कम होने से घटा खतरा, निगरानी व सुरक्षात्मक उपाय जारी

^नदी के उपरी क्षेत्र में बारिश नहीं होने से बूढ़ी गंडक का पानी कम हुआ है। अभी यह खतरे के निशान से समस्तीपुर में एक व रोसड़ा में दो मीटर उपर है। नदी के घटने से कटाव शुरू हुआ है। जिसको लेकर बांध की लगातार निगरानी व सुरक्षात्मक उपाय जारी है।
अरूण प्रसाद, ईई, बाढ़ नियंत्रण, समस्तीपुर प्रमंडल