40,538 प्राथमिक विद्यालयों में होगी प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति

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5,338 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बहाल होंगे प्रधानाध्यापकबीपीएससी से परीक्षा के आधार पर होगी बहालीमुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग की तैयारी

पटना। राज्य के 40,538 प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति होगी। इसके साथ ही मध्य विद्यालयों को उत्क्रमित कर बनाये गये 5,338 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की बहाली होगी।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का जिला संवर्ग होगा। प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के जरिये होगी।

आपको बता दूं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रारंभिक विद्यालयों के लिए प्रधान शिक्षक संवर्ग एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रधानाध्यापक संवर्ग के गठन की घोषणा की गयी। उन्होंने अपनी घोषणा में कहा कि प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षकों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से होगी। स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता होती है। इसके लिए दोनों ही संवर्ग शिक्षा विभाग के अधीन गठित किये जायेंगे।


प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक भी बनेंगे सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक

राज्य के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अब प्राइवेट  स्कूलों के शिक्षक भी प्रधानाध्यापक  बनेंगे। उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में सरकारी स्कूलों के योग्यताधारी शिक्षकों के साथ ही प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक भी बैठ सकेंगे। इसमें सीबीएसई एवं आईसीएसई से सम्बद्धता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के वैसे अर्हताधारी शिक्षक बैठ सकेंगे, जिनके  पास कम से कम 12 वर्षों का शिक्षण अनुभव होगा। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए निम्नतम शिक्षण अनुभव आठ साल है।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के अगले ही दिन शिक्षा विभाग ने 40,538 प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक एवं मध्य विद्यालयों को उत्क्रमित कर बनाये गये 5,338 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पदों के सृजन का प्रस्ताव कैबिनेट भेजा। राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में पहली बार प्रधान शिक्षकों की बहाली होने जा रही है। प्रधान शिक्षक के पदों  पर नियुक्ति को होने वाली सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने के लिए तय अर्हताओं के साथ ही कम से कम आठ साल का शैक्षणिक अनुभव जरूरी होगा। मध्य विद्यालयों में पहले से ही पद हैं।

इससे इतर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति को बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में तय अर्हताओं के साथ ही सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आठ वर्ष का शिक्षण अनुभव जरूरी होगा।

खास बात यह है कि प्रधान अध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों के पद नये वेतनमान संरचना में होंगे। नियुक्ति के बाद प्रधान अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक नियोजन इकाई से बाहर निकल कर सीधे शिक्षा विभाग के अधीन होंगे। विद्यालयों के संचालन के लिए उन्हें कई तरह के अधिकार भी दिये जायेंगे।

हालांकि, पहले से सृजित पदों पर नियुक्त प्रधानाध्यापक बने रहेंगे। राज्य के 29 हजार मध्य विद्यालयों सहित पुराने राजकीय, राजकीयकृत एवं प्रोजेक्ट उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पहले से सृजित हैं।