मुख्यमंत्री ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 1,121 करोड़ रुपये

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मुख्यमंत्री ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 1,121 करोड़ रुपये लागत की 130 किलोमीटर लंबी चार राज्य उच्च पथों का किया लोकार्पण

राज्य सरकार द्वारा कई पथों, पुल-पुलियों का निर्माण होने से राज्य की जनता को आवागमन में काफी सुविधा हुई है।

पथों और पुलों के बेहतर ढ़ंग से मेंटेन रहने पर राज्य की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी।

सड़कों एवं पथों का मेंटेनेंस विभाग के द्वारा ही कराई जाये इससे सतत् निगरानी भी संभव हो सकेगी एवं खर्च भी कम होगा।

पटना, 26 अगस्त 2021:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 1,121 करोड़ रुपये की लागत की 130 किलोमीटर लंबी चार राज्य उच्च पथों का लोकार्पण किया। इसके अंतर्गत 332.00 करोड़ रुपये लागत की 41.1 किलोमीटर लंबी राज्य उच्च पथ संख्या 84 (घोघा- पंजवारा पथ), 220.72 करोड़ रुपये लागत की 29.55 किलोमीटर लंबी राज्य उच्च पथ संख्या 85 (अकबरनगर-अमरपुर पथ), 504 करोड़ रुपये लागत की 55 किलोमीटर लंबी राज्य उच्च पथ संख्या 102 (बिहियां-जगदीशपुर- पीरो-बिहटा पथ) एवं 64.60 करोड़ रुपये लागत की 4.55 किलोमीटर लंबी राज्य उच्च पथ संख्या 91 (बीरपुर-उदाकिशुनगंज पथ) के अंतर्गत बिहारीगंज बाइपास शामिल है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 4 राज्य उच्च पथों का उद्घाटन कराने के लिए पथ निर्माण विभाग को विशेष तौर पर बधाई देता हूॅ। पथ निर्माण विभाग के द्वारा कई अन्य योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। हमलोगों के सत्ता संभालने से पहले वर्ष 2005 तक सड़कों की क्या स्थिति थी, आवागमन में कितनी असुविधा थी ये सभी जानते हैं। हमलोगों ने वर्ष 2006 में सड़कों की स्थिति को लेकर सर्वेक्षण कराया। उन्होंने कहा कि जब से हमलोगों को बिहार में काम करने का मौका मिला है तब से कई सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया। केंद्र में जब श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार थी, हम भी उनकी सरकार में मंत्री थे, उस दौरान भी केंद्र सरकार के द्वारा राज्य में कई पथों का निर्माण कराया गया। पथ निर्माण विभाग के द्वारा कई योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से और राज्य सरकार द्वारा कई पथों, पुल-पुलियों का निर्माण होने से राज्य की जनता को आवागमन में काफी सुविधा हो रही है। शुरु में हमलोगों ने राज्य के सुदूर इलाके से 6 घंटे में राजधानी पटना पहुंचने का लक्ष्य तय किया था जो पूरा कर लिया गया। अब 5 घंटे में राजधानी पटना पहुंचने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सड़कों का चैड़ीकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य उच्च पथों को बेहतर ढंग से बनाया गया है, उसका 7-10 मीटर चैड़ीकरण किया जा रहा है। कई राज्य उच्च पथ को फोरलेन में बदला गया है। आज राज्य उच्च पथ संख्या 84, 85, 102 एवं 91 का लोकार्पण किया गया है, इससे लोगों को आवागमन में और सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि बाहर के लोग जब बिहार से गुजरते हैं तो यहां के सड़कों की प्रशंसा करते हैं। यहां की कानून व्यवस्था की भी प्रशंसा करते हैं। सात निश्चय-2 के अंतर्गत सुलभ संपर्कता प्रदान करने हेतु शहरी क्षेत्रों में बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। जिन शहरी क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता में कमी होगी वहां फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। पथ निर्माण विभाग ऐसे 120 स्थानों को चिन्हित किया है, जहां बाइपास निर्माण की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण के साथ-साथ उनका मेंटेनेंस जरुर हो। इसे लोक शिकायत निवारण अधिनियम में भी शामिल किया गया है ताकि मेंटेनेंस नहीं होने की शिकायत आने पर दोषियों पर कार्रवाई हो सके। मुझे खुशी हुई है कि आज कार्यक्रम के दौरान राज्य उच्च पथ परियोजना से संबंधित वृतचित्र में पथों के किनारे वृक्षारोपण के संबंध में भी जानकारी दी गई है। सड़कों के दोनों किनारे अधिक से अधिक संख्या में न सिर्फ वृक्षारोपण हो बल्कि उनकी देखभाल भी जरुर हो। बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद राज्य का हरित आवरण क्षेत्र बहुत कम रह गया। राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत भी हरियाली को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग के द्वारा कई और पथों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। बिहटा-सरमेरा पथ काफी बेहतर बना है। इससे पश्चिम से पूर्व बिहार की संपर्कता बेहतर हुई है। अटल पथ और पाटली पथ भी बेहतर बना है। उन्होंने कहा कि घोघा-पंजवारा पथ, अकबरनगर-अमरपुर पथ, बिहियां-जगदीशपुर-पीरो-बिहटा पथ एवं बिहारीगंज बाइपास के निर्माण से उस क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों एवं पथों का मेंटेनेंस विभाग द्वारा ही करायी जाय, इससे सतत् निगरानी भी होगी और खर्च भी कम होगा। पथों और पुलों के बेहतर ढ़ंग से मेंटेन रहने पर राज्य की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी। मुझे विश्वास है कि विभाग के अभियंता पूरी मेहनत के साथ इस पर काम करेंगे। अगर सड़कों के निर्माण एवं उसके मेंटेनेंस में अभियंता गंभीरता दिखायेंगे तो लोगों के बीच में उनका सम्मान और बढ़ेगा।
कार्यक्रम के दौरान राज्य उच्च पथों की परियोजनाओं से संबंधित वृतचित्र का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री श्रीमती रेणु देवी, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन एवं पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज, सांसद श्री दिनेश चंद्र यादव, सांसद श्री गिरधारी यादव, विधायक श्री रामनारायण मंडल, विधायक श्री भूदेव चैधरी, विधायक श्री राम विशुन सिंह, विधायक श्री सुदामा प्रसाद सहित अन्य विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री पंकज कुमार, संबद्ध जिलों के जिलाधिकारी सहित पथ निर्माण विभाग के अन्य अधिकारीगण, अभियंतागण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।
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