ड्रोन संबंधी नए नियमों से भारत में इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत

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प्रधानमंत्री कार्यालय
ड्रोन संबंधी नए नियमों से भारत में इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत हो गई है : प्रधानमंत्री

27 August 2021 by PIB Delhi http://Onenewslive.net/PMO India News
प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि ड्रोन संबंधी नए नियमों से भारत में इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन संबंधी नए नियमों से स्टार्ट-अप्स के साथ-साथ इस सेक्‍टर में काम करने वाले हमारे युवाओं को भी काफी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कहा;

‘ड्रोन संबंधी नए नियमों से भारत में इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत हो गई है। ये नियम विश्वास और स्व-प्रमाणन की अवधारणा पर आधारित हैं। इसके तहत अनुमोदन एवं अनुपालन से संबंधित आवश्यकताओं और इस क्षेत्र में प्रवेश करने संबंधी बाधाओं को काफी हद तक कम कर दिया गया है।

ड्रोन संबंधी नए नियमों से स्टार्ट-अप्स के साथ-साथ इस सेक्‍टर में काम करने वाले हमारे युवाओं को भी काफी मदद मिलेगी। इससे नवाचार और कारोबार के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल जाएंगे। इससे भारत को एक ड्रोन हब बनाने के लिए नवाचार, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग में भारत की विशिष्‍ट क्षमताओं का व्‍यापक उपयोग करने में भी काफी मदद मिलेगी।’

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ड्रोन संबंधी नए नियमों से भारत में इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत हो गई है : प्रधानमंत्री

प्रविष्टि तिथि: 26 AUG 2021 1:26PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि ड्रोन संबंधी नए नियमों से भारत में इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन संबंधी नए नियमों से स्टार्ट-अप्स के साथ-साथ इस सेक्‍टर में काम करने वाले हमारे युवाओं को भी काफी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कहा;

‘ड्रोन संबंधी नए नियमों से भारत में इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत हो गई है। ये नियम विश्वास और स्व-प्रमाणन की अवधारणा पर आधारित हैं। इसके तहत अनुमोदन एवं अनुपालन से संबंधित आवश्यकताओं और इस क्षेत्र में प्रवेश करने संबंधी बाधाओं को काफी हद तक कम कर दिया गया है।

ड्रोन संबंधी नए नियमों से स्टार्ट-अप्स के साथ-साथ इस सेक्‍टर में काम करने वाले हमारे युवाओं को भी काफी मदद मिलेगी। इससे नवाचार और कारोबार के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल जाएंगे। इससे भारत को एक ड्रोन हब बनाने के लिए नवाचार, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग में भारत की विशिष्‍ट क्षमताओं का व्‍यापक उपयोग करने में भी काफी मदद मिलेगी।’