बाल श्रमिक को मिल्क पार्लर से मुक्त कराया गया

0
42

बचपन बचाओ आंदोलन की सूचना पर जिले के सरायरंजन प्रखंड में काम कर रहे एक बाल श्रमिक को मिल्क पार्लर से मुक्त कराया गया, जबकि सरैया पेड़ा चौक से 3 बाल श्रमिकों की मुक्ति के बाद स्थानीय लोगों नें हंगामा कर उनको धावा दल से छीन लिया। उन दुकानदारों पर जहाँ ये 3 बाल श्रमिक कार्यरत थे। अब विभाग किस तरह उन पर करवाई करती है। ये चर्चा का विषय है।
श्रम अधीक्षिका नेहा आर्या द्वारा गठित धावा दल का नेतृत्व सरायरंजन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रभाशीष कुमार नें किया। जिनके साथ सिंघिया और वारिसनगर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी नें कार्यवाही को अंजाम दिया।
मौके पर मौजूद बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना पदाधिकारी विजय कुमार नें बताया कि श्रम विभाग के सहयोग से नियमित बाल श्रमिकों को मुक्त करवाने हेतु अभियान चलाया जाता है एवं उनके पुनर्वास हेतु संस्था विभाग से समन्वय करती है.
मालूम हो कि जिले से बाल तस्करी व बाल श्रम उन्मूलन हेतु बचपन बचाओ आंदोलन, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग व जिला प्रशासन के धावा दल को बाल श्रम उन्मूलन हेतु स्थानीय मानचित्रण प्रक्रिया में सहयोग कर रही है। जिसके अंतर्गत कठिन परिस्थिति में रहने वाले बच्चों व उनके परिवार के सदस्यों की पहचान कर उनको कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। श्रम विभाग द्वारा लगातार इस दिशा में बाल श्रमिकों को मुक्त कराना जिले को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संस्थापक सचिव सह कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउण्डेशन इंडिया के जिला प्रभारी सुरेन्द्र कुमार नें बताया कि समस्तीपुर जिला को खुशहाल बचपन के लिए चिन्हित करते हुए बाल श्रम, बाल विवाह, बाल व्यापार तथा बाल यौन शोषण से मुक्ति के लिए व्यापक जन अभियान चलाया जा रहा है। बाल श्रम बाल व्यापार के विरुद्ध अभियान अंतर्गत जिला भर के 100 राजस्व गाँव को पायलट प्रोजेक्ट के तहत् चयनित किया गया है। जहाँ बच्चों के साथ होंने वाले शोषण के विरुद्ध जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण ईकाई के साथ मिलकर सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पाॅक्सो के केस, बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों, बाल विवाह कराने वाले परिवारों और उसके सहयोगियों तथा बच्चों का खरीद फरोख्त करने वाले दलालों का डाटा संकलन कर उनपर कानूनी कार्रवाई एवं सार्वजनिक तौर पर सामाजिक बहिष्कार के लिए प्रयास किये जा रहें हैं। सुरेन्द्र कुमार नें बताया कि हर हाल में समस्तीपुर जिला को इन सामाजिक सांस्कृतिक बुराईयों से मुक्त कराना है। इसके लिए जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र अपनें साथी संगठनों के साथ विगत 20 सालों से प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरैया स्थित पेड़ा चौक हो या कोई भी जगह जहाँ बाल श्रमिकों से काम लिया जाएगा, उनपर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।