प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की खोज

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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की खोज के लिए कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने की। सीएस ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक महीने की नौ तारीख को मनाया जाता है। इसमें लैब टेक्निशियन के साथ एएनएम को भी कार्य पर लगाए जाने का निर्देश दिया। साथ ही किट आधारित जांच को एएनएम से कराने को कहा। सीएस ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर किसी भी संस्थान में प्रसव के लिए आने वाली प्रसूति महिला एनीमिक पाई जाएगी तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएस ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, गर्भवती की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए पीएमएसएमए दिवस प्रत्येक माह की नौ तारीख को मनाया जाता है। चिह्नित महिलाओं को स्वस्थ एवं संतुलित खान-पान, आयरन की गोली खाने की सलाह भी दी गई है। मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिन्हा, उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार, डीपीएम एसके दास, डीपीसी डॉ. आदित्य नाथ झा, अभिनय कुमार सिन्हा, आलोक कुमार, डॉ. अर्चना कुमारी, डॉ. अनुपम कुमारी, डॉ. श्रुति प्रिया, डॉ. आकृति प्रिया, डॉ. संगीता चौधरी, डॉ. प्रियंका, डॉ. अनिमा रंजन, डॉ. प्रज्ञा प्राची, डॉ. रागिनी रतना सहित अन्य उपस्थित रहे।

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प्रसव पूर्व सभी आवश्यक जांच कराने का निर्देश

सदर अस्पताल की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रतिमा ने प्रशिक्षण में बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग की जानी है। इन महिलाओं का प्रसव हर हाल में सरकारी अस्पताल में कराने और बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने को कहा। गर्भवती को प्रसव पूर्व सभी जांचें (कम से कम चार) आवश्यक रूप से कराना चाहिए, जिससे उन्हें उपयुक्त चिकित्सीय परामर्श मिलता रहे। पीएमएसएमए दिवस पर स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंची गर्भवती की यूरिन, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफलिस, हीमोग्लोबिन आदि प्रसव पूर्व की सभी जांचें निशुल्क की जानी है।