बी एम ए कॉलेज,बहेड़ी,दरभंगा में खुला नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी का स्टडी सेंटर।

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एनओयू पटना के रजिस्ट्रार डॉ घनश्याम राय ने एल बी एम ए कॉलेज दरभंगा में स्टडी सेंटर http://Onenewslive.net/एल बी एम ए कॉलेज दरभंगा में स्टडी सेंटरखोलने को लेकर पूरी की कागजी कार्रवाई, एनओयू और बी एम ए कॉलेज,बहेड़ी के बीच हुआ एमओयू।
एनओयू के रजिस्ट्रार ने किया स्टडी सेंटर का उदघाटन।
बिलट महथा आदर्श महाविद्यालय,बहेड़ी में शनिवार को नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी (एनओयू) के स्टडी सेंटर का उद्घाघटन किया गया।
एनओयू के स्टडी सेंटर कार्यक्रम
की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ सत्यनारायण पासवान ने की। संचालन हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ उमेश कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मैथिली विभाग के प्राध्यापक डॉ नरेश कुमार ने किया।

महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एन ओ यू के कुलसचिव ने कहा कि सभी मनुष्य स्वतंत्र और अधिकारों में समान है। सभी को समानता का अधिकार मिले और सभी समान रूप से जीने का अधिकार रखते हैं। मानव अधिकार के लिए सर्वप्रथम महात्मा फुले ने संघर्ष किया। आधुनिक भारत और बीसवीं सदी के नायक डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने मानवों को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ी। डॉ राय ने कहा कि ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना का उद्देश्य हीं है कि सभी तरह की असमानताओं को खत्म करना। बाबासाहेब ने कहा कि सभी शिक्षित बनो। गांधीजी ने कहा कि शिक्षा, ग्राम स्वराज, स्वालम्बन, स्वरोजगार आदि। अंबेडकर और गांधी के सपनों को गांव और स्वावलंबन तभी सफल होगा जब सभी को हुनरमंद शिक्षा प्राप्त होगा। हुनरमंद शिक्षा एन ओ यू के पास है। डॉ राय ने कहा कि स्टडी सेंटर खुल जाने से कामकाजी लोगों और महिलाओं को अध्ययन करने में काफी सहूलियत होगी। महाविद्यालय के विकास में भी डिस्टेंस एडुकेशन मददगार होगा। उन्होंने कहा कि रेगुलर मोड में किसी कारणवश पढ़ाई नहीं कर पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एनओयू एक सशक्त प्लेटफार्म साबित होगा। इसमें काफी जॉब ओरिएंटेड कोर्स हैं जो अन्य विश्वविद्यालयों से भिन्न है। नैक मूल्यांकन में भी डिस्टेंस एडुकेशन सेंटर का महत्वपूर्ण रोल होता है। उन्होंने कहा कि एनओयू डिस्टेंस एडुकेशन का बिहार में सबसे बड़ी संस्था है।
एनओयू डिस्टेंस एडुकेशन का एक मजबूत स्तम्भ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 107 कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। चार दर्जन से अधिक सर्टिफिकेट कोर्स हैं। इसके अलावे कई पीजी डिप्लोमा कोर्स चलाये जा रहे हैं। ये सभी कोर्स जॉब ओरिएंटेड हैं। इसमें स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा जोर दिया गया है। ताकि छात्र हुनरमंद हो सके। आत्मनिर्भर भारत और गांधी के ग्राम स्वराज और स्वावलम्बन पर बल दिया गया है। कुलसचिव ने अपने संबोधन में एनओयू के कोर्सेस को विस्तार से बतलाते हुए कहा कि बिहार के सभी बच्चे और बच्चियां विभिन्न कोर्सों में नामांकन लेकर अध्ययन कर सर्टिफिकेट प्राप्त करेंगे तभी वे हुनरमंद बनेंगे। उनमें स्वावलंबन और स्वरोजगार की भावना उत्पन्न होगी। गांधी का ग्राम स्वराज और स्वावलंबन तभी साकार होगा जब हर आदमी हुनरमंद बनेंगे। आवश्यकता की तमाम चीजों का उत्पादन ग्राम स्तर पर करेंगे और उसका उपयोग सामूहिक रूप से करेंगे। तभी ग्राम स्वराज का सपना साकार होगा।एनओयू के रजिस्ट्रार ने कहा की गांधीजी के इसी सपने को साकार करने के लिए भारत में ग्राम पंचायत और ग्राम सभाओं को स्थानीय विकास तथा स्थानीय प्रशासन का मुख्य आधार बनाया गया है।एनओयू के रजिस्ट्रार ने बी एम ए कॉलेज में स्टडी सेंटर खोलने की कागजी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद विधिवत इसकी घोषणा भी की। मौके पर उन्होंने एनओयू में सभी कोर्सों में नामांकन प्रकिया से भी अवगत कराया। कहा कि इंटर,स्नातक और बी.एड. की छात्र – छात्राएं अपने पसंद के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स अपनी पढ़ाई के अलावे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में जारी है। जिसकी विस्तृत सूचना व जानकारी एनओयू के वेबसाइट या बी एम ए कॉलेज, बहेड़ी,दरभंगा के स्टडी सेंटर से ली जा सकती है। महाविद्यालय को एन ओ यू के द्वारा 250 कोड आवंटित कर दिया गया है।
वरीय प्राध्यापक डॉ चक्रधर चौधरी, डॉ रवीन्द्र कुमार चौधरी, डॉ विजय प्रताप सिंह ने भी एन ओ यू के उपयोगिता और प्रासंगिकता के संदर्भ में बतलाया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, छात्र,छात्राएं एनसीसी कैडेट्स, एन एस एस के स्वयंसेवक उपस्थित थे। महाविद्यालय के शिक्षकों ने भी अपने अपने विचार प्रस्तुत किए इस अवसर पर आनंद कुमार विद्यासागर कुमार ठाकुर रागिनी सीखा विकास कुमार मुकेश कुमार श्याम कुमार गुंजा श्वेता कुमारी नेहा कुमारी उगन कुमार झा आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई