मुख्यमंत्री ने ऊर्जा प्रक्षेत्र की 3452.11 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का किया उद्घाटन

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मुख्यमंत्री ने ऊर्जा प्रक्षेत्र की 3452.11 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का किया उद्घाटन, लोकार्पण एवं शिलान्यास

12,657 करोड़ रुपये लागत की स्मार्ट प्री-पेड मीटर की राज्यव्यापी योजना का कार्यान्वयन
मार्च 2025 तक हर घर तक स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगा दिया जायेगा

पटना, 15 दिसम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज बी०एस०पी०एच०सी०एल० कॉलोनी स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में ऊर्जा प्रक्षेत्र की 3452.11 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 12,657 करोड़ रुपये लागत की स्मार्ट प्री-पेड मीटर की राज्यव्यापी योजना के कार्यान्वयन की शुरुआत की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कि आज कहा के इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए ऊर्जा विभाग को धन्यवाद देता हूं। आज ऊर्जा प्रक्षेत्र की कुल 3452.11 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। इसमें 725.26 करोड़ रुपये की योजना का उद्घाटन किया गया है, जबकि 2726.85 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया गया है। आज वितरण कंपनियों के अधीन कुल 325 करोड़ रुपये लागत की 48 विद्युत शक्ति उपकेंद्र का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। 874 करोड़ रूपये की लागत से कुल 7 ग्रिड सब स्टेशन से वितरण प्रणाली तक ट्रांसमिशन लाइन तथा 817.35 करोड़ रूपये लागत की बक्सर ताप विद्युत प्रतिष्ठान से विद्युत निकासी हेतु संचरण लाइन के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऊर्जा ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया गया है, यह काफी अच्छा बना है। इसके लिए मैं आप सभी को बधाई देता हूं। ऊर्जा विभाग की सहमति से इस ऑडिटोरियम का उपयोग दूसरे लोग भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में काफी काम हो रहे हैं। पहले बिहार में बिजली की क्या स्थिति थी? वर्ष 2005 में बिहार में मात्र 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती थी। आज बिहार में 6,627 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। हमने हर घर बिजली पहुंचा दी है। घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य दिसंबर 2018 तक निर्धारित किया गया था, जिसे दो माह पूर्व ही अक्टूबर 2018 में ही पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली की जरुरत और ज्यादा बढ़ रही है। उसके लिए हमलोग बिजली की आपूर्ति की सारी व्यवस्था कर रहे हैं। पावर प्लांट से लोगों के घर तक बिजली पहुंचाने के लिए कई चरणों में काम करना पड़ता है, जिसे ऊर्जा विभाग बेहतर ढंग से क्रियान्वित कर रहा है। बिहार पहला राज्य है जहां सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के 19 किलोवाट भार क्षमता तक के विद्युत कनेक्शन, सुविधा एप्प के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन बिजली का कनेक्शन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काफी काम हो रहे हैं। 200 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र बिहार में लगने जा रहा है। जमुई और बांका में 100-100 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र पर काम शुरु होगा। सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड संयंत्र लगाने जा रहा है। इस पर 1000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जायेगी। इस पर तेजी से काम चल रहा है। देश में बिहार ऐसा पहला राज्य है, जहां स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाया जा रहा है। वर्ष 2019 से बिहार में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगना शुरु हो चुका है। पहली बार बिहार में ऐसा हो रहा है। यह हमलोगों का कंसेप्ट है। हम चाहते हैं कि राज्य सरकार के पैसे से ही इस काम को पूरा किया जाय। बिहार में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाया जायेगा। विद्युत विभाग हर घर ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि पांच चरणों में मार्च 2025 तक हर घर तक स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगा दिया जायेगा। मेरी इच्छा है कि इसे निर्धारित समय से पहले पूरा किया जाय।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिजली बिल को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें आती थीं। हमने इसको लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम में शामिल किया ताकि लोगों की शिकायतों का समाधान हो सके। स्मार्ट प्री-पेड मीटर से बिजली का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा। बिजली के उपभोक्ताओं को भी इससे फायदा होगा। इससे सबको लाभ होगा। लोग • जितनी बिजली की खपत करेंगे, उन्हें उतने का ही बिजली बिल देना पड़ेगा। बिजली के उपभोक्ताओं को राज्य सरकार अपनी तरफ से सब्सिडी देती है खरीद से कम दर पर उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। कुछ लोग मुफ्त में बिजली देने की मांग करते रहते हैं। | मुफ्त में बिजली देने की भावना गलत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पिछड़ा राज्य होकर भी लोगों के हित में सड़क निर्माण से लेकर हर घर तक बिजली पहुॅचाने के साथ-साथ अन्य विकास के कार्य भी तेजी से किये गये हैं। बिहार में सड़क और बिजली के क्षेत्र में काफी काम हुये हैं। बिहार को अब निजी क्षेत्र से बिजली खरीदनी नहीं पड़ेगी। अब बिहार को जितनी बिजली की जरुरत होगी वह केंद्र सरकार के माध्यम से ही मिल जायेगी। इसके लिए मैं केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली के जर्जर तारों को बदल दिया गया है। कोरोना के दौर में भी ऊर्जा विभाग ने काफी मेहनत से काम किया है। लोगों की बिजली की जरूरत को पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता है। बिजली विभाग के इंजीनियरों को हम बधाई देते हैं। आप लोगों के अच्छा काम करने से हमें प्रसन्नता होती है। उन्होंने मीडिया से आग्रह करते हुए कहा कि बिजली की गड़बड़ियों की सूचना को प्रकाशित करने के साथ ही ऊर्जा विभाग को जरुर दीजिएगा ताकि उसमें सुधार किया जा सके। ऊर्जा विभाग भी कार्यों पर बारीकी से नजर रखें।

कार्यक्रम को ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य सह पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत एवं ऊर्जा विभाग के सचिव श्री संजीव हंस ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत के पूर्व मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ऊर्जा ऑडिटोरियम परिसर का भ्रमण किया और परिसर में वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ऊर्जा ऑडिटोरियम का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया और ऊर्जा ऑडिटोरियम का मुआयना भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत ऊर्जा विभाग के सचिव श्री संजीव हंस ने पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया।

कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट प्री-पेड मीटर योजना पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर पीरपैंती के विधायक श्री ललन पासवान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, एन०बी०पी०डी०सी०एल० के प्रबंध निदेशक श्री संदीप कुमार पुडुकलकट्टी, एस०बी०पी०डी०सी०एल० के प्रबंध निदेशक श्री संजीवन सिन्हा, बिहार स्टेट हाइड्रो इलेक्ट्रिक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं ब्रेडा के निदेशक श्री आलोक कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सांसदगण, विधायकगण, विधानपार्षदगण, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारीगण, वरीय अभियंतागण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।

कार्यक्रम के पश्चात् मुख्यमंत्री ने विद्युत भवन जाकर आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात् मुख्यमंत्री ने आर्ट गैलरी में विभिन्न कलाकारों की • लगायी गयी कलाकृतियों का अवलोकन किया और उसकी जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने स्टील आर्ट, क्राफ्ट आर्ट, मधुबनी पेंटिंग, ब्लॉक प्रिंटिंग, क्ले मॉडलिंग, स्क्रीन पेंटिंग आदि का भी अवलोकन किया।