“भौतिकवादी युग में नैतिकता की प्रासंगिकता” विषय पर चांदचौर मथुरापुर में हुई संगोष्ठी का आयोजन

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भौतिकवादी युग में अपनी नैतिक मूल्यों को बरकरार रखने की है जरूरत : प्रो. रामभरत ठाकुर

समस्तीपुर। वन न्यूज नेटवर्क
उजियारपुर प्रखंड के चांदचौर मथुरापुर गौड़ीनाथ युवक पुस्तकालय प्रांगण में शनिवार को भौतिकवादी युग में नैतिकता की प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अधिवक्ता रामपुनीत चौधरी ने किया तथा संचालन मिथिलेश कुमार। अपने संवोधन में पूर्व विधायक दुर्गा प्रसाद सिंह ने कहा कि भारत की परंपरा भौतिकता नहीं, नैतिकता रही है। जिसे कायम रखना आवश्यक है। अतिथि के रूप में उपस्थित एलएन मिथिला विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रामभरत ठाकुर ने इस भौतिकवादी युग में अपनी नैतिक मूल्यों को बरकरार रखने की अपील करते हुए संवेदनशीलता को बनाए रखने की अपील किया। नवोदय विद्यालय बिरौली के प्रधानाचार्य डॉ पीके ठाकुर ने कहा कि यदि भौतिकवादी युग में मूल्यपरक शिक्षा पर वल नहीं दिया गया तो जीवन मूल्यों की प्रासंगिकता एक मृगमरीचिका बनकर रहा जाएगी। सर्वोदय उच्च विद्यालय के पूर्व एचएम रामेश्वर राय ने छात्रों को नैतिक मूल्यों के पतन के कारणों पर प्रकाश डाला। सरायरंजन केएसआर कालेज के प्रो. सुशील कुमार चौधरी ने कहा कि पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित हो रहे नैतिक मूल्य को बचाए रखने पर वल दिया। प्रो. राम कुबेर सिंह ने स्कूली शिक्षा में नैतिक मूल्यों की समावेश की आवश्यकता को जरूरी बताया। नवनिर्वाचित जिला परिषद मती सविता चौधरी ने कहा कि स्कूली शिक्षा में नैतिक शिक्षा की पढाई होना आवश्यक है। मो.सरवरे आलम ने कहा कि संयुक्त परिवार के महत्व को बताया वहीं सुबोध कुमार ने कहा कि भारत की गौरवमयी परम्परा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इस संगोष्ठी में स्थानीय सर्वोदय उच्च विद्यालय के एचएम सज्जन ठाकुर, मिथिलेश कुमार सहित एक दर्जन से अधिक विघालय के छात्र छात्राओं ने अपना विचार रखे। मौके पर सुनील कुमार चौधरी सहित अन्य लोगों मौजूद थे।