बिहार में बनेगा मशरूम कलस्टर ,खेती को मिलेगी नयी उड़ान

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एक समूह में कम से कम 10 तो अधिकतम 100 किसान होंगे। 17 हजार मशरूम किट किसानों को बांटने का लक्ष्य।

01 सौ मशरूम किट अधिकतम एक किसान ले सकेंगे। नालंदा में मशरूम की खेती को नयी उड़ान दी जाएगी। कलस्टर बनेगा। किसानों को 90 फीसदी अनुदान पर मशरूम किट (बैग) मुहैया कराया जाएगा। तैयार मशरूम को बाजार में बेचकर किसान कमाई करेंगे और मालामाल होंगे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभुकों का चयन होगा।

योजना में शर्त यह भी रखी गयी है कि उन्हीं किसानों को किट दी जाएगी जो खेती के बारे में कम से कम दो दिवसीय प्रशिक्षण ले चुके हैं। साथ ही समूह में कम से कम 10 किसान होने चाहिए। महिलाएं, एफमपीओ (फॉर्मर प्रोड्यूशर ग्रुप) बनाकर खेती करने वाले धरतीपुत्रों को प्राथमिकता मिलेगी। इस बार जिले में 17 हजार मशरूम किट वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। समान्य वर्ग के किसानों के बीच 15 हजार तो एससी/एसटी को दो हजार किट मिलेगी। प्रत्येक कलस्टर में कम से कम 10 तो अधिकतम 100 किसान होंगे। एक किसान को अधिकतम 100 ऑयस्टर मशरूम किट दी जाएगी। खास यह कि आवेदन के लिए जमीन की कोई बाध्यता नहीं है।

6 रुपया में एक किट :

मशरूम की खेती के लिए चयनित किसान को छह रुपए प्रति किट विभाग देगा। इसकी कीमत 60 रुपया है। लेकिन, 54 रुपया सब्सिडी मिलेगी। किट उपलब्ध कराने के लिए जिले की ही तीन एजेंसियों का चयन किया गया है। किसान चाहें तो कहीं अन्य जगहों से भी किट ले सकेंगे। प्लास्टि के थैले में भूसा और मशरूम का बीज डालकर तैयार किट को बंद कमरे में किसान रस्सी के सहारे लटकाकर रखेंगे। नियमित अंतराल पर हल्की सिंचाई करेंगे। दो से ढाई महीने में मशरूम के पौधे तैयार हो जाएंगे।

30 डिग्री तापमान खेती के लिए अनुकूल:

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि बुआई के 15 से 20 दिन बाद बीज से पौधे निकल जाते हैं। इसके बाद इसकी केवल देखभाल करनी होती है। जाड़े का मौसम खेती के लिए अनुकूत मना गया है। मशरूम की खेती करने के लिए 30 डिग्री तापमान को अनुकूल माना गया है।

सेहत का है खजाना

बाजार में मशरूम की अच्छी कीमत मिलती है। डिमांड खूब है। यह सेहत का खजाना भी है। इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, खनिज लवण व अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। वैसे तो यह हर मौसम में उपलब्ध रहता है। लेकिन, जाड़े में इसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधी क्षमता का विकास होता है।

आवेदन के साथ ये कागजात दें:

  1. प्रशिक्षण प्रमाणपत्र 2. किसान निबंधन संख्या 3. आधार कार्ड 4. बैंक पासबुक की फोटो कॉपी। उद्यान विभाग के पोर्टल (horticultur.bihar.gov.in) पर आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

कहते हैं अधिकारी

कलस्टर बना मशरूम की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कम जगह में समूह बनाकर मशरूम की खेती कर किसान अच्छी कमाई करेंगे। इच्छुक किसान जरूरी कागजात के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं।

ज्ञानचंद, जिला उद्यान पदाधिकारी