महागठबंधन के जिला परिषद अध्यक्ष का उम्मीदवार तय नहीं

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समस्तीपुर:: समस्तीपुर जिला जननायक की धरती पर अब होंगे नए साल में नाथूराम गोडसे का मुख्यालय. यह कोई मंगठन या आरोप नहीं है.। आज यहां अप्पन पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव आरके राय कहां है कि बिहार में महागठबंधन के बड़े नेता राष्ट्रीय जनता दल के होने के बावजूद की महागठबंधन की बैठक नहीं किया जाना कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी को अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने जैसा प्रतीत होता है.। श्री राय ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर पर अपने आप को बड़े दल के नेता कहने वाले कांग्रेस पार्टी के नेता. सीपीआई, सीपीएम और सीपीआईएमएल के नेता केवल चुनाव में महागठबंधन बनाकर जनता को ठगने का काम करते हैं. और बड़े-बड़े पूरी पतियों के खिलाफ कागज पर बोलकर अपना उल्लू सीधा करते हैं. अगर ऐसा नहीं है तो पंचायती राज के बिहार चुनाव के बाद बिहार के अंदर महागठबंधन की बैठक क्यों नहीं कराई गई केवल चुनाव के समय गठबंधन का नाम देकर जनता को बढ़ाने का काम बंद करें अन्यथा शीघ्र बिहार में महागठबंधन के बैठक कर जनता को ठगने के काम से बजाएं. समस्तीपुर जिला ऐसा जिला समाजवादियों की धरती है जहां धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय की धरती होने के बाद भी महागठबंधन के सभी के सभी लोग एक उम्मीदवार जिला परिषद में एक उम्मीदवार भी खड़ा करने के लायक नहीं रहे बल्कि भाजपा के उम्मीदवारों के लिए दिन रात एक करते हैं राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मांग करते हैं कि महागठबंधन के विधायक आरजेडी के जिला अध्यक्ष के क्रियाकलापों की जांच अपने स्तर से कराएं और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों से अपने क्षेत्र के लोगों से वोट बेचने का जांच कराएं । समस्तीपुर में आरजेडी के जिला परिषद सदस्य के अलावे सीपीआई के एक माले पार्टी के एक कुल मिलाकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उम्मीदवार खड़ा करने लायक ही नहीं बल्कि चुनाव जीतने के स्थिति में होने के बावजूद महागठबंधन के बैठक नहीं किया जाना यह साबित करता है कि कालाबाजारी जनता को ठगने और जाती है लोगों के पक्ष में काम करने का यह संकेत है. जननायक के नाम लेने में भी अब समस्तीपुर जिला वासियों को शर्म आएगा।