लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी , 7 चरणों में होंगे चुनाव

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ONE NEWS NETWORK/WEB DESK/ R B ROY

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के महापर्व का शंखनाद प्रारंभ हो गया। बीते  रविवार को चुनाव आयोग ने मतदान की तारीखों से पर्दा हटाते हुए साफ कर दिया कि लोकसभा की 543 सीटों पर 7 चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव का पहला चरण 11 अप्रैल को शुरु होगा और 23 मई को मतगणना की तारीख तय की गई है।

इसके साथ ही आयोग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम में विधानसभा चुनावों का भी ऐलान किया है। यहां लोकसभा की वोटिंग के साथ विधानसभा के लिए भी मतदान कराया जाएगा, लेकिन सुरक्षा कारणों से जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही देश में चुनाव आचार सहिंता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

समूची चुनाव प्रक्रिया 27 मई को संपन्‍न करने का लक्ष्य तय किया गया है। बता दें कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त होना है। पिछले आम चुनावों की बात करें तो 2014 में 9 चरणों मतदान हुआ था। पहले राउंड की वोटिंग 7 अप्रैल को हुई थी, जबकि 12 मई को आखिरी राउंड की वोटिंग हुई थी।

16 मई को नतीजों का ऐलान हुआ था और 26 मई को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। सबसे ज्यादा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 6 चरणों में मतदान हुआ था। 2014 में पहली बार इतने ज्यादा चरणों में चुनाव हुआ था, इससे पहले 2009 में 6 और 2004 में 4 चरणों में मतदान हुआ था।

सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश, 40 सीटों वाले बिहार और 42 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में सभी 7 चरणों में मतदान कराया जाना तय हुआ है। इससे पिछले चुनाव में भी सुरक्षा इंतजाम और प्रशासनिक तैयारियों के लिहाज से छह चरणों में चुनाव कराए गए थ

वहीं 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एक राउंड में ही वोटिंग कराया जाना तय हुआ है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड, अंडमान-निकोबार, दादर एवं नागर हवेली, दिल्ली, पुदुचेरी, चंडीगढ़ में एक ही राउंड में मतदान होगा।

बता दें कि इस बार सभी पोलिंग स्टेशनों पर वीवीपैट मशीनें होंगी। इससे वोटर को यह पता चल सकेगा कि उसकी ओर से दिया गया वोट सही उम्मीदवार को ही पड़ा है या नहीं। यही नहीं, ईवीएम की भी कई स्तरीय सुरक्षा होगी। हर उम्मीदवार को फॉर्म 26 भरना होगा। देशभर में कुल 10 लाख पोलिंग स्टेशनों पर मतदान कराया जाएगा। 2014 में यह संख्या 9 लाख थी। सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे होंगे। पूरी चुनावी प्रक्रिया की विडियोग्रफी भी होगी।

गौरतलब है कि इस आम चुनाव में 90 करोड़ वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। 2014 से अब तक 8.4 करोड़ मतदाता बढ़े हैं। 1.5 करोड़ मतदाता 18 से 19 वर्ष के हैं। बीते चुनाव में 81 करोड़ वोटर थे। देश भर के 99.3 प्रतिशत मतदाताओं के पास मतदाता पहचान पत्र हैं।

सबसे कम लक्षद्वीप में 49,922 वोटर होंगे। सबसे ज्यादा मल्कानगिरी में 31,83,325 मतदाता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि यह पहला ऐसा आम चुनाव है, जब 21वीं सदी में जन्मे लोग मतदान कर सकेंगे। 2014 में हुए आम चुनाव के दौरान इस सदी में जन्मे लोगों की आयु 18 वर्ष नहीं थी, अब इस चुनाव में वे पहली बार देश की सरकार चुनने के लिए वोट डाल सकेंगे।

11 अप्रैल को पहले चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में 18 अप्रैल को 13 राज्यों की 97 सीटों के लिए मतदान होगा। लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 14 राज्यों की 115 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। चौथे चरण में 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 सीटों के लिए मतदान होगा।

पांचवे चरण में 6 मई को 7 राज्यों की 51 लोकसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। छठा चरण 12 मई को होगा जिसमें 7 राज्यों की 51 लोकसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। सातवें चरण का मतदान 19 मई को होगा जिसमें 8 राज्यों की 59 सीटों के लिए वोटिंग होगी।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया पर देने वाले विज्ञापनों की पहले से मंजूरी लेनी होगी। यहीं नहीं आयोग ने फेसबुक, टिवटर से विज्ञापनों के वेरीफीकेशन के लिए भी कहा है। नामांकन दाखिल करते वक्त उम्मीदवारों को सोशल मीडिया अकाउंट्स का ब्यौरा देना होगा। सोशल मीडिया पर होने वाले विज्ञापनों के खर्च को उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।