निर्धारित अवधि के अंदर उनकी समस्या का समाधान  व् कर्मचारियों के संतुष्ट होने के बाद ही संबंधित को भुगतान किया जाएगा। 

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वन न्यूज़ लाइव टीम।
संजय कुमार
समस्तीपुर रेल मंडल प्रशासन ने वेबसाइट विकसित की है। इसे गूगल के माध्यम से बड़ी आसानी से कोई भी रेलकर्मी अपने मोबाइल में खोल सकता है। कोई भी रेल अधिकारी और कर्मचारी अपने सरकारी आवास की समस्या दर्ज करा सकते हैं। समस्या दर्ज होते ही शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक एसएमएस आएगा। समस्तीपुर मंडल में विकसित इस सुविधा से अब कर्मियों की समस्या का जल्द समाधान हो पाएगा। आवास मरम्मत के लिए इंजीनियरिंग विभाग की नहीं करनी होगी चिरौरी।
समस्तीपुर रेल मंडल ही नहीं पूरे भारतीय रेल में आवासों के रख रखाव के लिए जोनल कांट्रैक्ट के माध्यम से कार्य करवाने की पहले से व्यवस्था थी। जिसे अब मंडल स्तर पर कर लिया गया है। इस पद्धति से पारदर्शिता मेंटेन करना आसान हो जाएगा। कर्मचारियों के आवास जर्जर होने के बावजूद उन्हें मरम्मत के लिए इंजीनियरों की चिरौरी करनी पड़ती थी। रेलवे कॉलोनी के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य को कुछ निर्धारित नियमों एवं शर्तों के तहत जयनंद लाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी को निविदा के तहत कार्य दिया गया हैं। एजेंसी को आवासों के रखरखाव से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में ही पूरा करना होगा। निर्धारित अवधि में कार्य पूरा नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। समय सीमा के अंदर कार्य नहीं शुरू होने पर संबंधित अभियंताओं से भी स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। 1500 कर्मी और 60 अधिकारी क्वार्टर को मिली सुविधा
रेलवे ने प्रथम चरण में दक्षिण दिशा के रेलवे क्वार्टरों को शामिल किया हैं। इसमें ऑफिसर्स कॉलोनी, डीजल शेड कॉलोनी, आरपीएफ कॉलोनी, गांधी पार्क कॉलोनी, मेडिकल कॉलोनी, गोल्फ फिल्ड कॉलोनी को शामिल किया गया हैं। पूर्व में रिपेयरिंग का कार्य जोनल स्तर पर किया जाता था। जिसे अब मंडल स्तर पर किया जाएगा। समस्तीपुर मंडल मुख्यालय में 60 अधिकारी क्वार्टर और 1500 कर्मचारियों के क्वार्टर में इसकी सुविधा मिल सकेगी। इसमें क्वार्टर में मरम्मत कार्य, सड़क और बाउंड्री वॉल को भी दुरुस्त कराया जा सकेगा। एक वर्ष के लिए 2.94 लाख रुपये का मिला कार्य
रेलवे ने एजेंसी को एक वर्ष के लिए 2.94 करोड़ रुपये के कार्य का निविदा दिया हैं। रेल अधिकारी और कर्मी एप की मदद से साइट खोलेंगे। इसके बाद अपना पीएफ नंबर दर्ज करेंगे। पीएफ नंबर दर्ज करते ही कर्मी का पूरा ब्योरा खुल जाएगा। जिसके बाद इसमें समस्या को दर्ज किया जा सकेगा। समस्या के समाधान के लिए एटीईएन कार्यालय प्रांगण में कंट्रोल रूम के लिए जगह दिया गया हैं। जिसमें एजेंसी के डाटा ऑपरेटर तैनात रहेंगे। कर्मी द्वारा शिकायत दर्ज करते हुए एसएमएस द्वारा शिकायत नंबर दिया जाएगा। जिसके बाद आईओडब्लू संबंधित कार्य का सर्वे करेंगे। साथ ही एजेंसी को कार्य संपन्न करने के लिए निर्धारित समय देंगे। जिसकी भी जानकारी कर्मी को एसएमएस द्वारा मिलेंगी। कार्य पूर्ण होने के उपरांत भी एसएमएस भेज दिया जाएगा।

 समस्तीपुर रेल मंडल मुख्यालय के सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य दक्षिण के अधीन इंटरनेट द्वारा आवास से संबंधित शिकायत दर्ज करने के लिए नई पहल की गयी है। शिकायत करते ही शिकायत दर्ज होते ही शिकायत संख्या का मैसेज मिलेगा। जिसके बाद जल्द से जल्द समस्या का निपटारा कराया जाएगा। इस सुविधा से रेल कर्मियों को पहले से अधिक सुविधा और राहत मिलेगी।

बीके सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय),
पूर्व मध्य रेलवे, समस्तीपुर।